किसानों को सुविधा जिला सहकारी बैंक की नई शाखा का शुभारंभ, मत्स्याखेट पर 16 जून से 15 अगस्त तक पूर्णतः प्रतिबंध

इस Post को आप Share भी कर सकते हैं 👇

रायपुर : छत्तीसगढ़ 2 खास खबर आज शेयर करने जा रहे हैं 1. किसानों को सुविधा जिला सहकारी बैंक की नई शाखा का शुभारंभ, 2. मत्स्याखेट पर 16 जून से 15 अगस्त तक पूर्णतः प्रतिबंध 

जिला सहकारी बैंक खुलने से किसानों को मिलेगा सुविधा किसानों का लेन देन से लेकर सरकारी काम काज होगी आसानी दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल और खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज दुर्ग जिले के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, शाखा प्रतापपुर का शुभारंभ किया। 

जिला सहकारी बैंक का शुभारंभ

दुर्ग सांसद श्री बघेल ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवीन बैंक शाखा खुलने पर इससे ग्रामीण क्षेत्र के आमजनों को लाभ होगा और इस क्षेत्र के किसानों को सुविधा मिलेगी। सहकारी समिति एक ऐसी संस्था है जिसमें काम करने का बहुत अच्छा अवसर रहता है। 

किसानों को सुविधा

खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों ने मांग की थी कि हमारे क्षेत्र मेें जिला सहकारी बैंक खोला जाए। आज उनकी बरसों की मांग पूरी हो गई है। आस-पास के गांव के किसानों में खुशी की लहर है अब अपने गांव के नजदीक ही प्रत्येक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बैंक से किसानों को न्यूनतम ब्याज दर में ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी और सहकारी केन्द्रीय बैंक से लाभ लेकर अच्छी खेती-किसानी कर सकेंगे।

मत्स्याखेट पर 16 जून से 15 अगस्त तक पूर्णतः प्रतिबंध

रायपुर : राज्य शासन द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मस्योद्योग अधिनियम 1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है। 

इसे भी पढ़ें -  छत्तीसगढ़ चुनावी खबर.. कौन सा तारीख में कहाँ होगा चुनाव.. एक दिन में 7 लाख से अधिक लोगों ने मतदाता जागरूकता की ली शपथ..

अतएव प्रदेश के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब या जलाशय (बड़े या छोटे) जो निर्मित किए गए हैं में किये जा रहे केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।

एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना

उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगा।

इसे भी पढ़े ताजा अप्डेट्स 

छत्तीसगढ़ राशनकार्ड, राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी व नवीनीकरण इस दिन तक पूर्ण करने के निर्देश..

Google news पर पढ़े योजनाओं की अप्डेट्स

“its chhattisgarh छत्तीसगढ़ विभिन्न योजनाओं की जानकारी व अप्डेट्स आगे भी आप लोगों तक लगातार हर रोज पहुंचाते रहेंगे, हमारे Youtube चैनल, Whatsapp चैनल, Telegram चैनल पर भी रोजना अप्डेट्स मिलते रहेंगे, अभी नीचे के दिये बटन से आप भी जुड़ सकते हैं।”


इस Post को आप Share भी कर सकते हैं 👇
error: Content is protected !!