छत्तीसगढ़ धान खरीदी नई अप्डेट्स, Cm विष्णुदेव साय ने कहा मोदी की गारंटी के तहत संकल्पों पर काम शुरू..

इस Post को आप Share भी कर सकते हैं 👇

रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जरूरतमंद परिवारों के लिए जो योजनाएं तैयार करते हैं, उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करते हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ सबके प्रयास को शामिल करते हुए आगे बढ़ते हैं। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना लाई है। इसके माध्यम से हम इस वर्ग के समग्र विकास के लिए कार्य करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत तहसील बगीचा के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले में पीएम जनमन योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अन्य जानकारी साझा करते हुए बताया कि यहाँ पहाड़ी कोरवा के 288 बसाहटों में 3761 परिवार और 16 हजार 629 जनसंख्या निवासरत है। इसी तरह जशपुर जिले में बिरहोर जनजाति 12 बसाहटों में 177 परिवारों और 565 जनसंख्या के साथ निवासरत है। 

उन्होंने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती दिवस 25 नवम्बर 2022 को पीएम जनमन योजना लागू की गई है। 3 साल तक लक्ष्य बनाकर प्रारंभ की गई इस योजनाओं से पिछड़ी जनजाति परिवारों को विकास के मुख्य धारा में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले में इन जनजातियों के हित में कार्य करते हुए उनका आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जनधन खाते, गैस कनेक्शन आदि से लाभान्वित किया जा रहा है। इनके बसाहटों तक सड़क भी पहुँचाई जा रही है। पीएम आवास का लाभ दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र, वन धन केंद्र, हॉस्टल, बिजली कनेक्शन, मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुँचाई जा रही है।

इसे भी पढ़ें -  खुशखबरी! महतारी वंदन योजना, इस दिन के पहले इन महिलाओं के खाते में आएगी राशि… जानिए विस्तार से..

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनते ही मोदी की गारंटी के तहत संकल्पों पर काम शुरू..

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनते ही मोदी की गारंटी के तहत संकल्पों पर काम शुरू हुआ। 13 दिसम्बर को शपथ लेने के पश्चात 14 को कैबिनेट की बैठक में 18 लाख पीएम आवास बनाने का निर्णय लिया गया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल विहारी वाजपेयी के जन्मदिन सुशासन दिवस को किसानों के खाते में 2 साल का धान का बकाया बोनस दिया गया। पीएससी 2021 की गड़बड़ियों की जाँच सीबीआई से कराने का निर्णय लेने के साथ ही विवाहित महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत साल में 12 हजार रुपए देने अनुपूरक बजट भी पास किया गया। 

उन्होंने कहा कि राज्य में बैकलॉग के रिक्त पदों को भरने और भूमिहीन मजदूरों को राशि प्रदान करने के साथ तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस और मानक बोरा में वृद्धि का निर्णय भी लिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ पूर्व में 5 साल तक केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में किए कार्यों और अनुभव को भी साझा किया और बताया कि संसद पहुचने के साथ ही श्री मोदी ने अपनी सरकार को गरीबों के लिए समर्पित करते हुए कल्याणकारी योजनाएं बनाई। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री से बगीचा तहसील के अंतर्गत सलखाडाण्ड गाँव की पहाड़ी कोरवा महिला श्रीमती मनकुंवारी बाई द्वारा निर्भीक और बेझिझक वार्तालाप पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने यहाँ खुड़िया रानी की पावन धरती को नमन करते हुए मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी पर्व की भी सभी को शुभकामनाएं दीं।

इसे भी पढ़ें -  किसानों को एकमुश्त भुगतान, Cm साय के बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ धान खरीदी नई अप्डेट्स

विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री ने बाँटे प्रमाणपत्र

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष पिछड़ी जनजाति के 10-10 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्जवला कनेक्शन, पीएम किसान सम्मान निधि का प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड,मातृ वंदना योजना,मनरेगा जॉब कार्ड,किसान क्रेडिट कार्ड,प्रधानमंत्री आवास, जाति प्रमाणपत्र, जनधन बैंक खाता, आधार कार्ड, वनधन केंद्र से जुड़ी योजनाओं से लाभान्वित किया।

छत्तीसगढ़ धान खरीदी नई अप्डेट्स : 

छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के तहत एक नवंबर 2023 से धान खरीदी का अभियान निरंतर जारी है। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष मोदी जी की गारंटी के अनुरूप किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा अब तक किसानों से 108.06 लाख मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा चुकी है। धान के एवज में किसानों को 23448 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान बैंक के माध्यम से किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान विक्रय का लाभ पूर्व में धान बेच चुके किसानों को भी मिलेगा। इसका आशय यह है कि एक नवम्बर से अब तक पूर्व निर्धारित मात्रा के अनुरूप धान बेच चुके किसान, शेष मात्रा का धान, उपार्जन केन्द्र में 31 जनवरी तक बेच सकेंगे।

मार्कफेड के महाप्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में समर्थन मूल्य पर अब तक 20 लाख 49 हजार 472 किसानों से 108 लाख 6 हजार 659 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके एवज में किसानों को 23 हजार 448 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान बैंक के माध्यम से किया गया है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक 90 लाख 40 हजार 649 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध में मिलर्स द्वारा 69 लाख 95 हजार 876 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। इस साल राज्य में 130 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी लक्ष्य रखा गया है।

इसे भी पढ़ें -  छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना, निर्माणाधीन आवासों को पूर्ण किये जाने हेतु राशि जारी, cg aawas yojana 2022


इस Post को आप Share भी कर सकते हैं 👇
error: Content is protected !!