छत्तीसगढ़ में इन किसानों के लिए प्रधानमंत्री फ़सलबीमा योजना का लाभ, 15 दिसम्बर 2022 तक करा सकते हैं आवेदन जाने विस्तार से

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Cg Fasalbima yojana : राज्य के उद्यानिकी फसलों में पुर्नगठित मौसम अधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम रबी वर्ष 2022-23 के क्रियान्वयन हेतु छ.ग. शासन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसके अंतर्गत सूरजपुर जिले में अधिसूचित फसलें टमाटर बीमित राशि-120000, प्रिमियम राशि- 6000, बैगन बीमित राशि-77000, प्रिमियम राशि- 3850, फूलगोभी बीमित राशि 70000, प्रिमियम राशि-3500, पत्तागोभी बीमित राशि-70000, प्रिमियम राशि-3500, प्याज बीमित राशि-80000, प्रिमियम राशि-4000, आलू बीमित राशि-12000, प्रिमियम राशि- 6000 है। योजना क्रियान्वयन के लिए राजस्व निरीक्षक मण्डल को बीमा इकाई बनाया गया है एवं किसानों को बीमा हेतु कास्त के लिए निर्धारित ऋणमान बीमित राशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम के रूप् में देना होगा। इन सभी फसलों के जोखीम अवधि 01 अक्टूबर 2021 से 30 अप्रैल 2022 है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रतिकूल मौसम जैसे अधिक वर्षा, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, अधिक तापमान, कम तापमान, बीमारी अनुकूल मौसम, वायु गति से होने वाली फसलों की क्षति के नुकसान का आकलन स्वचलित मौसम केन्द्र द्वारा किया जायेगा।

 

 

 

 

किसान कैसे करें आवेदन ?

स्थानीय आपदा ओलावृष्टि की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18002095959 पर या लिखित रूप से 72 घंटों के भीतर बीमा कम्पनी संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभाग, जिला अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करेंगे। सभी ऋण एवं अऋणी कृषक जो भी उद्यानिकी फसलें ले रहे हैं वे 15 दिसम्बर 2022 तक लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति कम्पनी के प्रतिनिधि के माध्यम से बीमा करा सकते है। ऋणी कृषक अपने सहकारी ग्रामीण , वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं से सम्पर्क कर नामांकन करा सकते है एवं अऋणी कृषक नक्शा, खसरा एवं पासबुक की प्रति एवं क्षेत्र बुवाई प्रमाण पत्र या बुवाई के आशय का स्वघोषणा पत्र जो क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी, ग्रा.उ.वी. अधिकारी द्वारा सत्यापित हो जमा कर नामांकन करा सकते है।

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राजनांदगांव में रबी 2022 फसल बीमा प्रारंभ, जाने पूरी प्रक्रिया

खरीफ फसल के कटाई के उपरांत रबी फसलों का बोनी कार्यक्रम प्रारंभ हो चुका है। जिसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2022 के तहत फसल को प्रतिकूल मौसम सूखा, बाढ़, कीट व्याधि, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान में वित्तीय सहायता के लिए 15 दिसंबर 2022 तक फसलों क किसान बीमा करा सकते हैं। जिले हेतु मुख्य फसल चना तथा अन्य फसल गेहू सिंचित, गेहूं असिंचित एवं अलसी फसल का बीमा करा सकते हैं। बीमा की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2022 निर्धारित है। योजनांतर्गत बीमा इकाई ग्राम निर्धारित है। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि गत वर्ष एवं इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए अधिक से अधिक संख्या में कृषक अपने फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बीमा कराएं।

 

 

बीमा में शामिल किये जाने वाले कृषक

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत ऋणी एवं अऋणी कृषक जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते हैं। अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी कृषक जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो वे बुआई पुष्टि प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना में सम्मिलित हो सकते है।

 

 

 

बीमा हेतु प्रीमियम राशि दर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों के लिए 15 प्रतिशत कृषक प्रीमियम राशि निर्धारित है। जिसके अनुसार जिला राजनांदगांव, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई तथा जिला मोहला-मानपुर-चौकी के कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि 536 रूपए चना एवं 610 रूपए गेहूं सिंचित हेतु प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा। इसी प्रकार कृषक द्वारा गेहूं असिंचित के लिए फसल हेतु 330 रूपए, अलसी फसल हेतु 225 रूपए प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा।

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बीमा कराने के लिये आवश्यक दस्तावेज

ऋणी कृषकों का बीमा संबंधित बैंक, सहकारी समिति द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्हें केवल घोषणा एवं बुवाई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अऋणी कृषकों को बैंक, सहकारी समिति एवं लोक सेवा केन्द्र में बीमा प्रस्ताव फार्म, नवीनतम आधारकार्ड, बैंक पासबुक, भू-स्वामित्व साक्ष्य (बी-1 पांचसाला), किरायदार, साझेदार कृषक का दस्तावेज, बुवाई प्रमाण पत्र एवं घोषणा पत्र प्रदाय कर बीमा करा सकते हैं।

 

 

किसान फसलों का बीमा कहां कराएं

कृषकों द्वारा फसल बीमा कराने हेतु अपने संबंधित समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदाय कंपनी (एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड), लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं।

 

 

कृषक हेतु महत्वपूर्ण बिंदु

 

एक की अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में कृषक को एक ही स्थान से बीमा बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना कृषक को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी कृषकों द्वारा समान रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने की स्थिति में कृषक के समस्त दस्तावेज को निरस्त करने का अधिकार बीमा कंपनी के पास होगा।

 

 

आधार कार्ड अनिवार्य

 

फसल बीमा कराने के लिए समस्त ऋणी एवं अऋणी कृषक को आधार कार्ड की नवीनतम, अद्यतन छायाप्रति संबंधित बैंक, संस्थान हो अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाना है। आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में फसल बीमा नहीं किया जा सकेगा।

 

 

उप संचालक कृषि ने बताया कि ऐसे कृषक जो बैंक से डिफाल्टर की श्रेणी में हैं, वो भी अऋणी कृषक के रूप में अपने फसलों का बीमा करा सकते हैं। फसलों का बीमा करवाने हेतु समय कम होने के कारण अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए कृषक स्वयं अपने नजदीकी सहकारी समिति, बैंक, लोक सेवा केन्द्र में सम्पर्क कर आवश्यक कार्रवाई करें।

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